मैं अधूरा हूँ... तुम होती तो... शायद पूरा होता! मैं अधूरा हूँ... तुम होती तो... शायद पूरा होता!
याद हर उस एक वक्त की मुझे तुम्हारे और भी करीब ले आती है। याद हर उस एक वक्त की मुझे तुम्हारे और भी करीब ले आती है।
लिखा था जो तकदीर में वो हो गया था, जिसकी पनाह में जीना था वो ही खो गया था। लिखा था जो तकदीर में वो हो गया था, जिसकी पनाह में जीना था वो ही खो गया था।
एक उम्र से, एक मुद्दत से, है इसको छूने की है आस। एक उम्र से, एक मुद्दत से, है इसको छूने की है आस।
भगवान से ऊपर उसका दर्जा वो है मेरी प्यारी माँ। भगवान से ऊपर उसका दर्जा वो है मेरी प्यारी माँ।
मामुली सा दर्द था वो जो वक्त ने हमें दिया था- चोट खाई थी सीने पर, ऐसा क्या गुनाह किया मामुली सा दर्द था वो जो वक्त ने हमें दिया था- चोट खाई थी सीने पर, ऐसा क्या ग...